जिंदगी और उलझन : सावन
भूख प्यास का पता नहीं, शायद तबियत खराब है या फिर फिर मन परेशान है समझ नही आ रहा पर कुछ तो है जिसकी वजह से ऐसी हालत हुई है। ज़िंदगी वो रहस्यमई पुड़िया का नाम है जिसको लोग अलग अलग तरीकों से अपने अनुभव के हिसाब से इसकी व्याख्या करते है,
बैरागी और अमीर इसे भगवान का तोहफ़ा मानते है, तो गरीब और लाचार इसे श्राप। इस जिंदगी में जिसको सब मिल गया है उसके लिए ये जिंदगी आशीर्वाद है और जिसको ना मिला उसके लिए अभिशाप।
और हम है त्रिशंकु जिसके हिस्से में ना आशीर्वाद आ रहा है ना ही अभिशाप, हम मुक्त होना चाहते है पर ना ही हम को हमारी किस्मत आशीर्वाद योग्य समझ रही है ना ही अभिशाप के योग्य
खैर दिल और दिमाग दोनो ही आज उलझे पड़े है अजीब सी कश्मकश में गुज़र रही है ये शाम शायद कल की सुबह अच्छी हो इस उम्मीद में शुभ रात्रि रहेगा और महादेव रहेगा 😊
सावन
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