एक खत लपकझुन्ना के नाम का : सावन
Good morning लपकझुन्ना ♥️
तुम्हारे हिस्से का वक्त है देखो तन्हा ही गुजार रहा हूं, तुम्हे डिजिटल खत लिख के, मैं जानता हूं तुम पढ़ती हो, इसलिए हर दिन तुम्हारे लिए अपना दर्द, अपना प्यार, और अपने हालात को बताता हूं। घर वालो ने हमें भले ही दूर कर दिया है, पर प्रेम थोड़े ना कम कर देंगे वो तो हर रोज़ पहले से ज्यादा बढ़ता जाता है, एक रोज़ वो भी देखेंगे हमारे प्रेम को तब एहसास होगा की हम दोनो लोग एक दूसरे के लिए इतना क्यों जरूरी है। मुझे खुद पे यकीन है और महादेव पे भरोसा भी की मैं सबको मना लूंगा जैसे अपने घर मना लिया हूं बस तुम्हे मेरा हाथ और साथ दोनो थामे रखना होगा, तुम मेरी शक्ति है तुम्हारे बिना मैं क्या ही कर सकता हूं। एक रोज तुम्हारे पापा जी को, भाई को ये मेरे खत मिलेगा शायद तब वो एहसास करेंगे की हम दोनो का सिर्फ प्रेम ही नही है हम दोनो एक दूसरे को समझते है, एक दूसरे के लिए खड़े है और उम्र भर ऐसे ही साथ रहेंगे। खैर आज चौथा दिन है व्रत का तुम्हारे लिए, हमारे लिए और हमारे प्रेम के लिए हर दिन भीख मांगता हूं भगवान से की वो सब ठीक कर दे तुम्हारे पापा जी को हमारे लिए मना दे और हमे मिला दे।
माता रानी और महादेव जी का दी हुई आशीर्वाद हो तुम अगर जो खो दिया तो उम्र भर पश्चाताप में गुजरेगा और ऐसा कभी भगवान होने नही देंगे।
तुम्हारे अनंत तक के इंतज़ार में....
तुम्हारा सावन
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